तथ्यांकमा काेराेना भाइरस - COVID - 19

अन्य न्यूज

    Showing 1-7 of 7 items.
  • भूल गई हूँ

    गजलकार–अराधना चौधरी रोती तो नहीं हूँ बस..........मुस्कुराना भूल गई हूँ ।पहले की तरह अब मैंजीना भूल गई हूँ ।   जाने किस बात की सोच मेंखोई सी रहती हूँ......खामोश रहने लगी हूँ ।बक–बक भूल गई हूँ ।लोगों से अब दिल मेरा शिकायत तक नहीं करता । &nbs
    • प्रकाशित मितिः फाल्गुन 15, 2076
    • 329 पटक पढिएको
    • मधेश स्पेशल
  • यो हाम्रो बानी

    प्रियंका साह त भनी टयाप्पै टिप्ने पढाई भनी ह्वात्तै बिर्सिने !! कस्तो हो यो हाम्रो बानी के यो सबै मा छ नानि !!   पढ्न बस्दा झ्याउ लागने गित बज्दा मन पर्ने !! के हो यस्तो बानी के यो सबै मा छ नानी !!   यदि यो सबै मा छ बानी भने धेरै नराम
    • प्रकाशित मितिः पुष 29, 2076
    • 459 पटक पढिएको
    • मधेश स्पेशल
  • पढाइ लिखाइ के तनाब

    रचनाकार :– प्रियंका साह एक त बिद्यार्थी के रहै छै पढाइ लिखाइ के तनाब ,तबो नै छोडइ छै दैला मता पिता अपन बेकार के सराप,अइमे केनाके रह सक्तै खुश कोनो भि जनाब,जब कि हैस्ते खेल्ते करैछै ओकर अप्ने अप्मान !!   किया दुनिया देइछै ९०५ वाला क
    • प्रकाशित मितिः पुष 7, 2076
    • 729 पटक पढिएको
    • मधेश स्पेशल
  • चौरचन पावनि

    कवि - धनेश्वर ठाकुर पुआ और पुरी खीर बनै छै माय बहिन पुरी पुवा छनै छै गमगम आँगन घर दलान करै छै चौरचन पावनि के तैयारी करै छै   भाबिजी पिठारक चौका लगबै छै काकी जी धुप अगरबती जलबै छै आँगन मे दिया के इजोत बरै छै माय जी पुरी,खिर फल फुल स
    • प्रकाशित मितिः भदौ 17, 2076
    • 202 पटक पढिएको
  • दहेज

    कथाकार– धनेश्वर ठाकुर आज भन्दा धेरै वर्ष पहिले म काठमाण्डौं को कोटेश्वर भन्ने ठाउमा बस्थे र एउटा किराना पसलमा सेल्समेनको काम गर्थे काम ठिकै थियो विहान नउ बजे डिउटि गये भन्ने बेलका को आठ नउ बजे आउथियो । सेलरि पनि ठिकै थियो खाय
    • प्रकाशित मितिः श्रावण 30, 2076
    • 219 पटक पढिएको
  • कवि सम्मेलन सम्पन्न

      काठमाडौँ, १५ मङ्सिर (रासस) ः नगरपालिका दिवसको अवसरमा टोखा र बुढानिलकण्ठ नगरपालिकाको सहयोगमा आज बुढानिलकण्ठस्तरीय कवि सम्मेलन सम्पन्न भएको छ ।  कार्यक्रममा करीब पाँच दर्जन सर्जकले रचना वाचन गरेका थिए । बुढानिलकण्ठ नगरपा
    • प्रकाशित मितिः मंसिर 15, 2075
    • 228 पटक पढिएको
    • रासस
  • तेज प्रताप किरण

    रचनाकार राेयाण्टर मण्डल घनघाेर अन्हरीयामे एक किरण छी अहाँ ।दुखक पहारमे खुशीके अनभुती छी अहाँ ।।पतझर गाछके हरियाली वसन्त छी अहाँ ।।भविष्यके सबहक सहारा छी अहाँ । विश्व कल्याणक लेल अहाँक कदम अगारी बढै ।सच्चा मानवके उदाहरण अहा
    • प्रकाशित मितिः मंसिर 14, 2075
    • 232 पटक पढिएको
    • रोयाण्टर मण्डल

सुचना तथा प्रसारण विभाग: ९७८–२०७५/७६

Copyright © 2013 / 2020 - Pradeshportal.com All rights reserved

प्रेस काउन्सिल नेपाल: २४६–२०७५/७६