भूल गई हूँ

  • प्रकाशित मितिः फाल्गुन 15, 2076
  • मधेश स्पेशल
  • 1179 पटक पढिएको

गजलकार–अराधना चौधरी

रोती तो नहीं हूँ बस..........
मुस्कुराना भूल गई हूँ ।
पहले की तरह अब मैं
जीना भूल गई हूँ ।

 

जाने किस बात की सोच में
खोई सी रहती हूँ......
खामोश रहने लगी हूँ ।
बक–बक भूल गई हूँ ।
लोगों से अब दिल मेरा शिकायत तक नहीं करता ।

 

कोई हैं भी क्या अपना........?
मैं ये भी भूल गई हूँ ।
सहम सी गई हूँ मैं अंदर से ।
ना जाने क्यों मैं एक अरसे से.....
खुल के हँसना भूल गई है ख्वाब
हकीकत हो मेरा ।
जव से टुटी हूँ ....
ख्वाब सजाना भूल गई हूँ ।

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